बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के उत्तरप्रदेश दौरे के बाद से ही प्रदेश में राजनीति सरगर्मी तेज़ हो गई हैं। बीएल संतोष ने प्रदेश संगठन के सभी पधाधिकारी और सरकार के सभी मंत्रियों से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात कर सरकार के कामकाज का जायज़ा लिया साथ ही सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर भी फ़ीडबैक लिया। जिसके बाद से ही सरकार और संगठन में फ़ेरबदल की अटकलें तेज़ हो गई है।रविवार को प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह के राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाक़ात के साथ ही योगी कैबिनेट में नये चहरों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा और भी तेज़ हो गई है।

हालांकि राधा मोहन सिंह ने संगठन या सरकार में किसी भी फेर बदल को लेकर अभी मना कर दिया है उन्होंने कहा के पार्टी द्वारा प्रदेश प्रभारी बनाये जाने के बाद से ही उन्होंने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाक़ात नहीं कि थी उन्होंने इस मुलाकात को शिष्टाचार मुलाकात बताया उन्होंने कहा कि अभी विधानसभा स्पीकर से भी उन्हें मुलाकात करनी है छह महीने बाद यूपी में विधानसभा के चुनाव होने है उसी सिलसिले में ये मुलाक़ात थी।

हालांकि संगठन के सभी पदाधिकारी किसी भी फ़ेरबदल से अभी इंकार कर रहें है पार्टी के भीतर चल रहे बैठकों के दौर को उन्होंने महज़ अगले साल उन्होंने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी बताया। दरअसल अभी कुछ ही महीने पहले एमएलसी बने अरविंद कुमार शर्मा के मंत्रिमंडल में किसी बड़े पद पर नियुक्ति की चर्चा तेज़ है इसके अलावा कोरोना काल मे भी यूपी के कई मंत्रियों की मृत्यु हो गई थी योगी कैबिनेट में अभी फिलहाल छह मंत्रिपद खाली है संभवतः जल्द ही योगी कैबिनेट के विस्तार किया जा सकता है।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह राज्यपाल मुलाक़ात से पहले केंद्र नेतृत्व से भी मुलाक़ात की थी कयास लगाए जा रहें है कि केंद्रीय नेतृत्व से मिले निर्देश के बाद ही राधा मोहन सिंह ने राज्यपाल से मुलाकात की थी। सूत्रों की माने तो मुलाक़ात के वक़्त राधा मोहन सिंह ने आनंदी बेन पटेल को एक सफ़ेद लिफ़ाफ़ा भी सौंपा हालांकि उस लिफ़ाफ़े में क्या था इसको लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई क्या मंत्रिमंडल विस्तार कि अटकले भी इस लिफ़ाफ़े के साथ खत्म हो जाएंगी।

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