गुजरात-मे-कांग्रेस-को-लगा-बड़ा-झटका-दो-विधायको-ने-दिया-इस्तीफा-0-thesecularindia

आगामी 19 जून को होने वाले राज्य सभा चुनाव बेहद दिलचस्प दौरा में पहुँच गया हैं. हम बात कर रहे है गुजरात में होने जा रहे 4 सीटों के राज्य सभा चुनाव की। जहाँ बीजेपी और कांग्रेस के बीच एक दूसरे के नेताओ की गोलबंदी करने की रणनीति बनाई जा रही हैं। आपको बता दे कि कांग्रेस पार्टी आठ विधायकों के इस्तीफ़ा देने के बाद उसे दो सीट जितने के लिए सिर्फ़ एक वोट की जरुरत हैं. सोमवार को गुजरात कांग्रेस ने दावा करते हुए कहा,’ विधानसभा में भले ही हमारी संख्या कम हुई है, लेकिन फिर भी हम दो सीट जीतेंगे।’

गुजरात कांग्रेस प्रभारी राजीव सातव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘ राज्यसभा चुनाव के ऐलान के बाद हमारे कई साथियों ने हमारा साथ छोड़ दिया, लेकिन फिर भी हम ने जीत की पूरी तैयारी कर ली हैं. हम हर हालत में दो सीट जीतेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘ अब सिर्फ़ नंबर का खेल है, हमने रणनीति तैयार कर ली है. चुनाव में दूसरी सीट जितने के लिए हमें सिर्फ़ एक वोट की जरुरत है.”

उन्होंने आगे कहा की , ‘हम संख्या को लेकर काम कर रहे हैं. लेकिन इसपर हम चर्चा नहीं करेंगे, क्योंकि यह हमारी रणनीति का हिस्सा है.’

बता दें कि पिछले दिनों कांग्रेस के आठ विधायकों ने इस्तीफ़ा दे दिया हैं, जिसके बाद कांग्रेस के सामने बड़ी दिक्कत खाड़ी हो गई हैं. इसी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर विधायकों को ख़रीदने और डराने का आरोप लगाया है. 19 जून को राज्यसभा की चार सीटों पर मतदान होने वाला हैं. जिसमें भाजपा ने तीन उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की हैं, वहीं कांग्रेस ने दो सीटों पर प्रत्याशी तय किया हैं.

ऐसा है सीटों का गणित


विधानसभा की 182 सीट में से भाजपा के पास 103 विधायक है, वहीं एक एनसीपी और दो बीटीबी विधायकों का भी समर्थन उसे प्राप्त हैं. वहीं कांग्रेस के पास 65 विधायक हैं,इसके अतिरिक्त निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी के समर्थन के बाद संख्या 66 पहुंच गई हैं. इसी के साथ 10 सीट खाली हैं. राज्य में एक राज्यसभा सीट जितने के लिए 43 वोटों की जरुरत हैं. पिछले साल भी गुजरात मे अहमद पटेल की राज्य सभा सीट को लेकर बहुत सियासी दाव पेच दोनों ही राजनीतिक दलों की तरफ से खेले गए थे। तब कांग्रेस ने अमित शाह की तमाम रणनीतियों के बीच
सोनिया गांधी के सबसे भरोसेमंद शिल्पे सलाहकारअहमद पटेल को राज्य सभा पहुँचाया था। कांग्रेस पार्टी उस वक़्त इसे अमित शाह की हार के रूप में जनता के सामने रखा था।

समझिए क्या है समीकरण:-

इस बार गुजरात में राज्यसभा की 4 सीटें खाली हुई हैं। गुजरात विधानसभा में बीजेपी के 103 विधायक हैं। कांग्रेस के 68, भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के 2 और एनसीपी का एक विधायक है। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 35.01 वोट की दरकार होगी। अभी तक कांग्रेस बीटीपी के 2 विधायकों और एक निर्दलीय के साथ अपनी संख्या को 71 के रूप में देख रही थी। इस तरह वह 2 सीटें आसानी से जीतने का सपना देख रही थी।

वहीं दूसरी तरफ बीजेपी को 3 सीटें जीतने के लिए 106 विधायकों के साथ की जरूरत पड़ेगी। इसका मतलब है कि बीजेपी को अपने तीनों उम्मीदवारों को जिताने के लिए 3 और वोटों की जरूरत होगी। बीजेपी ने अभय भारद्वाज, रमीला बारा और नरहरी अमीन को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता शक्तिसिंह गोहिल और भरतसिंह सोलंकी को उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी ने नरहरि अमीन को तीसरे उम्मीदवार के तौर पर उतार दिया है।

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