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राष्ट्रपिता रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सलहा के बाद अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल का केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफ़ा मंज़ूर कर लिया। केंद्र सरकार की ओर से लाये गए कृषी विधेयकों को किसान विरोधी बता कर कल हरसिमरत कौर बादल ने मंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया था।

गौरतलब है कि अकाली दल NDA गठबंधन में भाजपा का सहयोगी दल है। केंद्र में विपक्ष द्वारा किया हंगामे के बाद भी दोनों कृषी विधेयक सदन में पारित हो गए थे जिसके बाद सुखबीर सिंह बादल ने एलान कर दिया था के हमारी पार्टी हमेशा से किसानों के हित मे खड़ी होती आई है हम इस विधेयक पर सरकार का समर्थन नही करेंगे। हालांकि अकाली दल का गठबंधन में रहकर सरकार को समर्थन जारी रहेगा।

हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट कर इस्तीफ़ा देने की जानकारी दी उन्होंने लिखा ‘मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व’ ।

हरसिमरत कौर के इस्तीफा देते हैं विपक्ष और भी ज्यादा हमलावर हो गया हैं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा के ‘केंद्रीय मंत्रिमंडल छोड़ने का हरसिमरत कौर का फैसला अकाली दल द्वारा बनाए जा रहे नाट्यशास्त्र की लंबी श्रृंखला में एक और है, जिसने अभी भी सत्तारूढ़ गठबंधन नहीं छोड़ा है। यह किसानों के लिए किसी भी चिंता से प्रेरित नहीं है, बल्कि अपने स्वयं के घटते राजनीतिक भाग्य को बचाने के लिए प्रेरित है’।

केंद्र सरकार द्वारा लाये गए कृषी विधयेको के विरोद्ध में देश के अलग अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया जा रहा है जिसको लेकर ख़ुद प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने ट्वीट कर सभी किसानों को भ्रमित ना होने की सलाह दी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा ‘किसानों को भ्रमित करने में बहुत सारी शक्तियां लगी हुई हैं। मैं अपने किसान भाइयों और बहनों को आश्वस्त करता हूं कि MSP और सरकारी खरीद की व्यवस्था बनी रहेगी। ये विधेयक वास्तव में किसानों को कई और विकल्प प्रदान कर उन्हें सही मायने में सशक्त करने वाले हैं। #JaiKisan’

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