Praduman-singh-join-BJP-thesecularindia

मध्यप्रदेश में सियासी उठापटक थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला ये है कि एक और कांग्रेस विधायक पाला बदलकर सत्ताद्यारी भाजपा में शामिल हो गए। छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी रविवार को कांग्रेस छोड़ते ही शाम को भाजपा भाजपा का दामन थाम लिया। सिंह का स्वागत स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान चौहान ने मिठाई खिलाकर किया। प्रद्युम्न के इस कदम का कांग्रेस से भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्वागत किया है। इस संबंध में ट्वीट करते हुए लिखा कि वे प्रद्युम्न सिंह लोधी का कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल होने का हृदय से अभिनंदन करते हैं।

प्रद्युम्न ने कांग्रेस छोड़ने के साथ विधायक पद भी छोड़ दिया। उनका इस्तीफा प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने आज ही स्वीकार कर लिया। सीएम शिवराज व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलायी। बीजेपी में शामिल होने से पूर्व प्रद्युम्न सिंह ने कहा है कि वे बुंदेलखंड के विकास के लिए भाजपा में शामिल हो रहे है। उपचुनाव के पहले यह कांग्रेस के लिए एक और तगड़ा झटका माना जा रहा है। बता दे कि राज्य में अब 25 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होगा। तो वही कांग्रेस के ज्यादातर पार्टी छोड़ने वाले विधायक ग्वालियर बुंदेलखंड संभाग के ही हैं।

आपको बता दे कि वे बड़ा मलहरा से जीते थे। उन्होंने विधान सभा चुनाव में विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ललिता यादव को हराया था। तो वहीं जब 2003 में पहली बार उमा भारती मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं, तब वे बड़ा मलहरा सीट से ही विधायक चुनी गईं थीं।

इसी वजह से प्रद्युम्न सिंह भाजपा में शामिल होने से सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के बंगले पर पहुंचे। यहां दोनों के बीच बातचीत होने के बाद वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने पहुँचे। राजनीति गलियारों में अब उनके मंत्री बनाए जाने के कयास भी लगाए जाने लगे हैं,क्योंकि उमा भारती ने मंत्रिमंडल विस्तार में बुंदेलखंड और लोधी समाज की अनदेखी के आरोप लगाए थे। इसी वजह से उनके मंत्री बनने की संभावना बढ़ गई थी। भाजपा में शामिल होते ही प्रदुमन सिंह को मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा, बनाए गए नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष

इससे पहले कांग्रेस के 22 विधायकों ने पार्टी और विधायक पद छोड़ते हुए सिंधिया के नेतृत्व में बीजेपी का दामन थामा था। इनमे
राजवर्धन सिंह, इमरती देवी, रक्षा सरोनिया, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, रघुराज सिंह कंसाना,रनवीर जाटव, गिराज दंडोतिया, मुन्नालाल गोयल, जसमंत, मनोट चौधरी, ऐदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह, प्रभुराम चौधरी, जजपाल सिंह, सुरेश धाकड़, कमलेश जाटव, बृजेंद्र सिंह यादव, हरदीप सिंह और तुलसी सिलावट कांग्रेस छोड़कर भाजपा में 23 मार्च को आए थे। तो वही राज्य की दो सीटें विधायकों के निधन होने से खाली हुई थी। मुरैना जिले की जौरा सीट से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा का 21 दिसंबर 2019 को निधन हो गया था। तो इसी साल 30 जनवरी को आगर-मालवा से भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल का भी बीमारी के कारण निधन हो गया।

मोजूदा मध्यप्रदेश विधानसभा की स्थिति

आपको बता दे की मध्य प्रदेश विधानसभा में 230 सदस्य हैं। इनमें 22 पहले ही इस्तीफा दे चुके। 2 का निधन हो चुका, सिंह के इस्तीफे के बाद कुल 25 सीटें खाली होने से विधानसभा में मात्र अब 205 सदस्य।
कमलनाथ की कांग्रेस के पास अब 91 विधायक हैं।
तो भाजपा के पास कुल 107 विधायक हैं।
4 निर्दलीय, 2 बसपा और 1 सपा का विधायक।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here