भारत कि सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) ने पिछले दिनों इस परीक्षा के तिथि की घोषणा की। जिसके मुताबिक आने वाले 18 जुलाई, 2021 को यह परीक्षा देशभर में कराई जानी है। लेकिन इस बीच इसका विरोध शुरू हो गया है। परीक्षा टालने की मांग हो रही है।

ट्विटर पर UPSC Engineering Services की परीक्षा स्थगित करने की मांग हो रही है। लाखों अभ्यर्थी एक साथ एक ही हैशटैग को ट्वीट कर रहे हैं। रविवार यानी आज दोपहर से ही यह हैशटैग ट्रेंड कर रहा है। #UPSC_postponeESE2021. खबर लिखे जाने तक इस हैशटैग के साथ एक लाख से अधिक ट्वीट हो चुके हैं।

क्या है समस्या:

अभ्यर्थी अपने ट्वीट में अपनी समस्याएं लिख रहे हैं। आखिर वो क्यों परीक्षा टालने की मांग कर रहे हैं यह भी बता रहे हैं। इनका सीधा सा तर्क है कि कोरोना महामारी के दौर में लाखों छात्र छात्राओं का घर से निकलना और किसी अन्य राज्य में परीक्षा देने जाना बहुत मुश्किल है। संक्रमण का डर ही यहां भी सता रहा है।

UPSC Engineering Services के परीक्षार्थियों का कहना है कि महामारी को देखते हुए सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दी गईं, कई अन्य राज्यों की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। यहां तक की यूपीएससी ने ही सिविल सेवाओं की परीक्षा भी टाल दी है। लेकिन UPSC Engineering Services की परीक्षा आयोजित कराई जा रही है।

ऐसे ट्वीट्स में ये लोग भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (@narendra modi), केंद्रीय शिक्षा मंत्री डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक (@DrRPNishank)को टैग कर रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय (@PMOIndia) और शिक्षा मंत्रालय (@EduMinOfIndia) को भी टैग किया जा रहा है।

भीड़ बन सकती है खतरा:

UPSC Engineering Services की परीक्षा में तकरीबन 2-3 लाख अभ्यर्थी शामिल होने वाले हैं। पूरे देश में इसके लिए 15 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए है। पूरी परीक्षा एक ही दिन होनी है। परीक्षा की अवधि पांच घंटे हैं। 18 जुलाई, जुलाई को यह परीक्षा देशभर में होनी है। ऐसे में भीड़ इकट्ठा होने का खतरा है। जाहिर है कि कोरोना वायरस अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

दुनिया के कई देशों में इस वायरस के नए रूप सामने आए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का दावा है कि आने वाले दिनों में भारत में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आ सकती है। तीसरे लहर की संभावनाएं बहुत अधिक हैं। ऐसे में ये परीक्षा किसी संकट से कम नहीं है।

अभ्यर्थियों को परीक्षा देने किसी अन्य राज्य में भी जाना पड़ सकता है। ऐसे में उन्हें इस महामारी के समय में लंबी यात्राएं करनी पड़ सकती है। हालांकि बहुत से अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि सरकार सभी बच्चों को कोरोना की टीका लगवा दे, उसके बाद परीक्षा पर विचार किया जाए।

देखना होगा कि लाखों युवाओं की इस मांग पर सरकार और संघ लोक सेवा आयोग क्या निर्णय लेता है?

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